*एक कविता सैंथवार मल्ल के लिए समर्पित*
सैंथवार मल्ल होकर सैंथवार मल्ल का,
आप सभी सम्मान करो!
सभी सैंथवार मल्ल एक हमारे,
मत उसका नुकसान करो!
चाहे सैंथवार मल्ल कोई भी हो,
मत उसका अपमान करो!
जो ग़रीब हो, अपना सैंथवार मल्ल
धन देकर धनवान करो!
हो गरीब सैंथवार मल्ल की बेटी,
मिलकर कन्या दान करो!
अगर लड़े चुनाव सैंथवार मल्ल ,
शत प्रतिशत मतदान करो!
हो बीमार कोई भी सैंथवार मल्ल ,
उसे रक्त का दान करो!
बिन घर के कोई मिले सैंथवार मल्ल ,
उसका खड़ा मकान करो!
अगर सैंथवार मल्ल दिखे भूखा,
भोजन का इंतजाम करो!
अगर सैंथवार मल्ल की हो फाईल,
शीघ्र काम श्रीमान करो!
सैंथवार मल्ल की लटकी हो राशि,
शीघ्र आप भुगतान करो!
सैंथवार मल्ल को अगर कोई सताये,
उसकी आप पहचान करो!
अगर जरूरत हो सैंथवार मल्ल को,
घर जाकर श्रमदान करो!
अगर मुसीबत में हो सैंथवार मल्ल,
फौरन मदद का काम करो!
अगर सैंथवार मल्ल दिखे वस्त्र बिन,
उसे अंग वस्त्र का दान करो!
अगर सैंथवार मल्ल दिखे उदास,
खुश करने का काम करो!
अगर सैंथवार मल्ल घर पर आये,
जय सैंथवार मल्ल राज बोल सम्मान करो!
अपने से हो बड़ा सैंथवार मल्ल,
उसको आप प्रणाम करो!
हो गरीब सैंथवार मल्ल का बेटा,
उसकी मदद तमाम करो!
बेटा हो गरीब सैंथवार मल्ल का पढ़ता,
कापी पुस्तक दान करो!
*यदि आप सैंथवार मल्ल समाज का विकास करना चाहते है तो यह कविता प्रत्येक सैंथवार मल्ल तक पहुंचनी चाहिये*
जय राष्ट्रीय सैंथवार-मल्ल स्वाभिमान मोर्चा
