मूलनाम से आरक्षण का अधिकार चाहिए
(तर्ज -बेटी भोरे – भोरे होत ससुराल जईहें– )
सम्मान चाहिए हो, सम्मान चाहिए ।-2
राष्ट्रीय सैंथवार- मल्ल, मोर्चा को सम्मान चाहिए ।
हमको मूलनाम से, आरक्षण का अधिकार चाहिए।।-2
सबके साथ जीवन में , सद्व्यवहार चाहिए ।
हमको मूलनाम से, आरक्षण का अधिकार चाहिए ।।-2
खेती-किसानी पशुपालन के,जीवन के आधार बनवल -2
रोटी कपड़ा और मकान के चक्कर में पड़ी गईल-2 ।।
तोहरे सादा जीवन, उच्च विचार को, प्रसार चाहिए ।
हर घर से, मोर्चा का एक जवान चाहिए ।।——-
हमको मूलनाम से, आरक्षण का अधिकार चाहिए ।।-2
कर बहिंया बल आपने , छोड़ विरानी आस ।-2
जड़ता को अब तोड़िये, मन में जगे विश्वास ।।-2
इस काम में, मनोज सिंह सैंथवार को, सहभाग चाहिए।
लरिका बुढ़वा नौजवान , सबका साथ चाहिए ।।—-
हमको मूलनाम से, आरक्षण का अधिकार चाहिए ।।-2
जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी ।-2
सीधे -साधे लोग हम हैं, समझे नाहीं दुनियादारी ।।-2
हमको शिक्षा और समानता का, सदाचार चाहिए ।
सैंथवार- मल्ल , बिरादरी को, वफादार चाहिए ।
हमको, मूलनाम, से, आरक्षण का अधिकार चाहिए।।-2
रचनाकारः* डा. धर्मदेव सिंह,* ग्राम व पोस्ट -दान्दोपुर
तहसील-पडरौना,जिला-कुशीनगर,सेवानिवृत्त
एसोसिएट प्रोफेसर-वाणिज्य एवं प्रिंसिपल- हीरालाल
रामनिवास पी.जी. कालेज
खलीलाबाद( संतकबीरनगर)उत्तर प्रदेश मो.न.9792018519



संगठन को पूरे सैंथवार मल्ल समाज का समर्थन सहयोग प्राप्त है।